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छपरा का डबल डेकर: 7 साल, कई अफ़सर, कई ठेकेदार… पर पुल अब भी अधूरा
छपरा का बहुप्रतीक्षित डबल डेकर फ्लाईओवर एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह — सारण के नए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव खुद मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।
उनके साथ मौजूद थे सारण के एसएसपी कुमार आशीष और जिले के तमाम आला अधिकारी।
अब ज़रा कहानी पीछे से समझिए…

  • 11 जुलाई 2018
    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़े तामझाम के साथ डबल डेकर फ्लाईओवर का शिलान्यास किया।
    👉 लक्ष्य तय हुआ — 2022 तक पुल तैयार।
    👉 लेकिन हकीकत ये रही कि काम रुका, फिर चला, फिर अटका…
    कभी ज़मीन का पेंच, कभी तकनीकी अड़चन, कभी ठेकेदारों की सुस्ती।
    नतीजा ये कि
    📌2025 खत्म होने वाला हैं
    📌 लेकिन छपरा का डबल डेकर अब भी अधूरा है।
    अब तस्वीर में एंट्री हुई है नए डीएम वैभव श्रीवास्तव की।
    उन्होंने सीधे-सीधे कहा —
    “जिन ठेकेदारों का भुगतान हो चुका है, वे अब बहाने नहीं, काम की रफ्तार दिखाएं।”

निरीक्षण के दौरान
✔ सुस्त काम करने वालों को फटकार
✔ तेजी से काम करने का साफ निर्देश
✔ और अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग का आदेश
गौर करने वाली बात ये है कि इससे पहले पूर्व डीएम अमन कुमार भी निरीक्षण कर चुके थे, लेकिन ज़मीन पर रफ्तार नहीं दिखी।
अब नए डीएम ने साफ संकेत दे दिया है —
अब ढिलाई नहीं चलेगी।
छपरा के लोगों के लिए ये फ्लाईओवर सिर्फ एक पुल नहीं,

  • ट्रैफिक जाम से मुक्ति
    🚦 शहर की रफ्तार
    और 🏙️ विकास की पहचान है।
    उम्मीद जताई जा रही है कि
    👉 अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला
    👉 तो 2026 में छपरा वासियों को डबल डेकर की सौगात मिल सकती है।
    अब सवाल बस एक है —
    क्या 7 साल का इंतज़ार 8वें साल में खत्म होगा?
    या फिर ये डबल डेकर सिर्फ फाइलों और निरीक्षणों तक ही सिमटा रहेगा?
    छपरा देख रहा है…
    और जवाब भी चाहता है।

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