लेकिन आज दोपहर करीब 2 बजकर 50 मिनट पर, यहां सन्नाटा गोलियों की आवाज़ से टूट गया।
परशुराम राय के घर के गेट पर एक अनजान व्यक्ति को गोली मार दी गईं।
पुलिस को घटनास्थल से दो खोखा मिले हैं। और हैरानी की बात यह है कि अभी तक मृतक की पहचान तक नहीं हो पाई है। सिर्फ उसकी जेब से एक टिकट मिला—कटिहार से आज सुबह का।

टेंपो चालकों का कहना है—कोई उसका पीछा कर रहा था।
पुलिस का शक है कि मामला किसी पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है।
लेकिन लोग पूछ रहे हैं—जब पहचान तक तय नहीं, तो रंजिश किससे?
घटना के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एफएसएल टीम आई, डॉग स्क्वॉड लगाया गया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

लेकिन तेलपा के लोग दहशत में हैं। क्योंकि यह इलाका भीड़भाड़ वाला है… और यहां दिनदहाड़े तीन गोलियां चलाना बताता है कि अपराधियों के हौसले कितने निडर हैं।
प्रशासन कह रहा है—गिरफ्तारी जल्द होगी।
लेकिन इलाके के लोग चाहते हैं कि इस बार सिर्फ आश्वासन न मिले।
क्योंकि किसी की जान गई है… और एक पूरा मोहल्ला डर के साए में है।

कटिहार से आया वह व्यक्ति कौन था?
उसका पीछा किसने किया?
गोलियां किसने चलाईं?
और क्यों?
