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छपरा जिला…
गांव महाराजगंज, पोस्ट गुल्टेनगंज…
और इसी सादगी भरी मिट्टी में खड़ा है — R.B.S. Public School।
जहां एक तरफ बहती है गंगा जी की धारा…
तो दूसरी तरफ गांव की कच्ची-पक्की सड़कों से गुजरती ज़िंदगी।
भीड़ नहीं, शोर नहीं…
लेकिन यहां शिक्षा की आवाज़ दूर तक जाती है।
ये कोई चमचमाता मेट्रो स्कूल नहीं है,
न ही यहां एयरकंडीशंड क्लासरूम की कतार है।
फिर भी…

फिर भी…
यहां सपनों को पंख मिल रहे हैं।
न्यूनतम फीस…
लेकिन शिक्षा में कोई समझौता नहीं।
किताबों से आगे बढ़कर
संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाया जा रहा है।
यहां बच्चे सिर्फ पढ़ना नहीं सीखते,
बल्कि बोलना, सोचना और आगे बढ़ना सीखते हैं।
यही है इस स्कूल का असली मिशन —
सर्वांगीण विकास।
गांव के बीचों-बीच,
सीमित संसाधनों में भी
एक बड़ा सपना पल रहा है —

कि महाराजगंज और गुल्टेनगंज के बच्चे
कल छपरा ही नहीं,
पूरे बिहार और देश का नाम रोशन करें।
ये कहानी है
एक ऐसे स्कूल की
जो ट्रैफिक और तामझाम से दूर होकर भी
शिक्षा का अलख जगा रहा है।
कैमरा गांव की गलियों से होते हुए

जब इस स्कूल पर रुकता है,
तो समझ में आता है —
बदलाव हमेशा शहर से नहीं,
कभी-कभी गांव से भी शुरू होता है। 🎙️



