हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों के मन में यह सवाल था कि मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाए या 15 जनवरी को। बीते कई वर्षों से तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति लगातार बनती आ रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने शास्त्र सम्मत विचार-विमर्श और सभी विद्वान आचार्यों की सहमति से यह निर्णय लिया है कि मकर संक्रांति 15 जनवरी 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।
ब्राह्मण महासभा के अनुसार, चूँकि उस दिन बृहस्पतिवार है, इसलिए पर्व और अतिथि (संक्रांति) की स्थिति में तिथि को गौण माना गया है। ऐसे में श्रद्धालु निःसंकोच खिचड़ी का सेवन कर सकते हैं और मकर संक्रांति का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मना सकते हैं।

इस निर्णय की पुष्टि शास्त्रों और वेदों के जानकार वरिष्ठ आचार्यों द्वारा की गई है।
छपरा से इस विषय पर क्या कहते हैं हरेराम शास्त्री और अम्बरीश मिश्रा, प्रकांड प्राचार्य व विद्वान, आइए सुनते हैं।…






