Tue. Feb 10th, 2026

अब कहानी सुनिए… एक ऐसे चोर गिरोह की, जिसने आधे बिहार की नींद उड़ा रखी थी।
ये वो गिरोह था जो पहले रेकी करता, फिर ट्रकों में भरकर रात के अंधेरे में आता और देखते-देखते पूरा का पूरा गोदाम साफ कर देता। काम इतना सधा हुआ कि सुबह मालिक पहुंचे तो ताले सही, लेकिन अंदर माल गायब।

गिरोह मुजफ्फरपुर का था।
8–9 शातिर चोरों की टोली।
टारगेट लिस्ट लंबी थी – सारण, सिवान, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर और आसपास के जिले।
लेकिन कहते हैं न, हर खेल का अंत होता है… और इस बार अंत लिखा था सारण पुलिस ने।

पुलिस ने वो किया जो फिल्मों में दिखता है।
प्लान बना, जाल बिछा और फिल्मी स्टाइल में चार शातिर चोरों को धर दबोचा गया।
ग्रामीण एसपी छपरा ने खुद मीडिया के सामने इनकी पूरी कहानी रखी और बताया कि ये गिरोह कैसे काम करता था।
पकड़े गए चोरों के नाम हैं—
सानू कुमार, पिता छोटेलाल चौधरी, थाना पारु, जिला मुजफ्फरपुर
सबरेश कुमार, पिता अरुण कुमार, जिला मुजफ्फरपुर
अनिल राय, जिला मुजफ्फरपुर
राजन कुमार, जिला मुजफ्फरपुर
पुलिस रिकॉर्ड खंगाला गया तो सामने आया कि
अनिल कुमार और सबरेश कुमार पर पहले से आपराधिक इतिहास दर्ज है।
गिरफ्तारी के बाद जब सामान बरामद हुआ, तो तस्वीर और साफ हो गई।
भारी मात्रा में चना दाल, सरिया यानी लोहे की छड़ और कई अन्य सामान पुलिस ने जब्त किए।

मतलब साफ है—
जो गिरोह खुद को सबसे चालाक समझ रहा था,
उसे आखिरकार सारण पुलिस ने बता दिया कि कानून से तेज कोई नहीं।
ये थी चोरी की कहानी,
जहां रात का फायदा उठाने वाले
दिन की रोशनी में पुलिस के सामने खड़े नजर आए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *