आज सिवान में एक धमाका हुआ है…
और धमाके के साथ कई सवाल भी फटे हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समृद्धि यात्रा पर हैं।
गुरुवार को जैसे ही मुख्यमंत्री सिवान पहुँचे…
उसी समय सिवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बड़रम गांव से एक जोरदार धमाके की आवाज़ आई।

धमाका इतना तेज़ था कि लोगों का कहना है—
दो किलोमीटर दूर तक आवाज़ सुनी गई।
यह कोई मंच नहीं था…
कोई माइक नहीं था…
यह एक गांव था—जहां रोज़मर्रा की ज़िंदगी चल रही थी।
शुरुआती जांच बताती है कि
एक घर में अवैध रूप से पटाखा या विस्फोटक सामग्री बनाई जा रही थी।

और फिर—
एक चिंगारी, एक लापरवाही…
और पूरा इलाका दहल गया।
इस धमाके में
एक युवक की मौत हो गई।
नाम— मुर्तुजा अंसारी,
निवासी— बड़रम गांव।
कई लोग घायल हैं।
कुछ घरों की दीवारें टूटी हैं।
और गांव के लोग—अब डर के साए में खड़े हैं।
घटना स्थल



मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से करीब 7 किलोमीटर दूर है।
लेकिन सवाल यह है—
जब सुरक्षा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है,
तो गांवों में ये अवैध काम कैसे चल रहे थे?
पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है।
इलाके को सील कर दिया गया है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
घायल अस्पताल में हैं।
हुसैनगंज थाना का कहना है—
“एक घर में पटाखा बनाने का काम चल रहा था,
उसी दौरान धमाका हुआ।
मामले की जांच की जा रही है।”
लेकिन जांच से पहले सवाल ज़रूरी हैं।
क्या यह सिर्फ़ हादसा है?
या सिस्टम की अनदेखी का नतीजा?
जब सरकार विकास यात्राओं की बात कर रही है,
तो गांवों में ज़िंदगी

अब भी जान जोखिम में डालकर क्यों चल रही है?
सिवान में आज सिर्फ़ धमाका नहीं हुआ…
आज प्रशासन, सुरक्षा और निगरानी पर
एक बड़ा सवाल भी गिरा है।
हम पूछते रहेंगे।
क्योंकि जवाब मिलना ज़रूरी है।


