Wed. Feb 11th, 2026

गोपालगंज।
यह सिर्फ चोरी की खबर नहीं है… यह सवाल है।
सवाल सुरक्षा का, सवाल व्यवस्था का और सवाल उस आस्था का, जो हर रात मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भी जागती रहती है।

गोपालगंज जिले का सुप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर।
जहां श्रद्धालु सिर झुकाने आते हैं,
वहीं बीती रात अज्ञात चोरों ने व्यवस्था की गर्दन पकड़ ली।

मां दुर्गा के गर्भगृह तक चोर पहुंच गए।
सोने-चांदी का मुकुट, कीमती हार, आभूषण—सब कुछ उतार लिया गया।
दानपेटी भी नहीं छोड़ी गई।
कहा जा रहा है—चोरी करोड़ों की है।
लेकिन सवाल ये है कि क्या सिर्फ गहने गए हैं,
या सुरक्षा पर भरोसा भी चला गया?

सुबह जब पुजारी पहुंचे,
तो मां की प्रतिमा खाली थी—
आभूषणों से नहीं,
व्यवस्था के भरोसे से।

बिखरा सामान, टूटी व्यवस्था और डरे हुए श्रद्धालु।
कुछ ही देर में मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो गई।
गुस्सा भी था, डर भी।

लोग पूछ रहे थे—
इतना बड़ा मंदिर, इतनी बड़ी आस्था
और सुरक्षा इतनी छोटी कैसे?

सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई।
एसपी अवधेश दीक्षित, एसडीपीओ प्रांजल सही मौके पर पहुंचे।
मंदिर घेरा गया,
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
ड्यूटी पर तैनात लोगों की भी जांच हो रही है।

एसपी कहते हैं—
“जो भी दोषी होगा, कार्रवाई होगी।”

लेकिन सवाल फिर वही है—
क्या कार्रवाई चोरी के बाद ही होगी?
क्या आस्था की रखवाली सिर्फ कैमरों के भरोसे है?
और क्या ऐसी घटनाएं अब ‘न्यू नॉर्मल’ बनती जा रही हैं?

क्योंकि जब मंदिर भी सुरक्षित नहीं,
तो सवाल सिर्फ चोरी का नहीं,
पूरी व्यवस्था का है।

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