ADD | RBS Public School
छपरा…
वही छपरा, जहाँ गलियों में इतिहास है,
चौराहों पर सियासत है
और हर माता-पिता के दिल में एक ही सवाल—
“बच्चे को पढ़ाएँ तो कहाँ?”
आज कहानी एक ऐसे स्कूल की,
जो शहर के ठीक बीचों-बीच है…
शोर के बीच भी शांत,
भीड़ के बीच भी अनुशासित।
नाम है— RBS Public School।

छपरा में स्कूल तो कई हैं,
लेकिन हर स्कूल अपनी पहचान खुद बनाता है।
और RBS की पहचान सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है।
यहाँ पढ़ाई के साथ संस्कार भी हैं,
डिसिप्लिन है,
और सनातन परंपरा की वो सीख
जो आज के दौर में कम ही देखने को मिलती है।
स्कूल के संस्थापक बताते हैं—
“जब हमने इस स्कूल की कल्पना की थी,
तो लोग कहते थे—
इतना सोचकर क्या करोगे?
लेकिन मन में एक जिद थी…
कि यहाँ से ऐसी प्रतिभा निकले
जो सिर्फ अपने परिवार का नहीं,
पूरे छपरा का नाम रोशन करे।”
और इसी सोच के साथ

स्कूल का हर कोना डिजाइन किया गया।
क्लासरूम हो या गार्डन,
बाथरूम हो या प्ले एरिया—
हर जगह साफ-सफाई,
हर जगह सुविधा।
कमरे पूरी तरह अनुकूलित (AC Enabled),
ताकि गर्मी बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बने।
अब ज़रा टेक्नोलॉजी की बात कर लें—
यहाँ क्लासरूम पूरी तरह ऑनलाइन मॉनिटरिंग से लैस हैं।
यानि कोई भी गार्जियन
घर बैठे मोबाइल पर देख सकता है
कि बच्चा क्लास में क्या कर रहा है।
रिसेप्शन में कदम रखते ही
आपको दिखेगा छोटा-सा अयोध्या धाम,
भगवान राम की प्रतिमा,
हनुमान जी की मूर्ति—
यह संकेत है कि
यह स्कूल शिक्षा के साथ
अपनी संस्कृति को भी साथ लेकर चलता है।
शिक्षकों की बात करें तो—
सभी Well Qualified,
B.Ed. प्रशिक्षित,
और सिर्फ पढ़ाने वाले नहीं,
मार्गदर्शन देने वाले।
चाहे स्मार्ट क्लास हो,
चाहे प्ले क्लास के नन्हे बच्चे—
हर उम्र के लिए
अलग व्यवस्था,
अलग माहौल।
और खास बात—
इस स्कूल की दो ब्रांच हैं।
एक शहर के बीचों-बीच,
दूसरी शहर से बाहर,
खुले और शांत वातावरण में।
मतलब साफ है—
अगर आप अपने बच्चे का
सिर्फ आज नहीं,
भविष्य संवारना चाहते हैं,
तो एक बार RBS Public School जरूर जाइए।
देखिए, समझिए,
और खुद महसूस कीजिए—
आखिर क्यों कहा जाता है
कि यह स्कूल
छपरा के One of the Best Schools में
क्यों गिना जाता है।
क्योंकि यहाँ पढ़ाई सिर्फ सिलेबस नहीं,
संस्कार भी है…



