Chapra से आज एक अहम तस्वीर सामने आई, जहां Driver Association of Bihar के बैनर तले बड़ी संख्या में ड्राइवरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। जिले के अलग-अलग इलाकों से आए ड्राइवरों ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को आवाज दी और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की।

प्रदर्शन के बाद ड्राइवरों के प्रतिनिधिमंडल ने District Magistrate को ज्ञापन सौंपा। ड्राइवर महासंघ का कहना है कि देश और समाज की अर्थव्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन आज भी इस वर्ग के लिए समुचित सामाजिक सुरक्षा और सरकारी व्यवस्था का अभाव है।

ड्राइवर महासंघ की ओर से जो प्रमुख मांगें रखी गईं, उनमें ड्राइवर आयोग का गठन, ड्राइवरों के लिए बीमा और दुर्घटना मुआवजा, वृद्ध ड्राइवरों के लिए पेंशन योजना, आवास योजना, ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की सुविधा, शहरों में ड्राइवर विश्राम घर और पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा व्यवस्था, ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक की मान्यता, हर वर्ष ड्राइवर दिवस घोषित करने और कानूनी सुरक्षा प्रदान करने जैसी मांगें शामिल हैं


ड्राइवर नेताओं का कहना है कि यदि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
दरअसल, देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले ड्राइवर लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और स्थायी सुविधाओं की मांग करते रहे हैं। ऐसे में छपरा में हुआ यह प्रदर्शन सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि उस बड़े सवाल की ओर इशारा करता है कि आखिर लाखों ड्राइवरों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति कब बनेगी।

सवाल यही है — क्या ड्राइवरों की ये आवाज सरकार तक पहुंचेगी, या फिर यह मांगें भी फाइलों में दबकर रह जाएंगी?
