सारण शिक्षक निर्वाचन: संघर्ष का साथी कौन? डॉ. राहुल राज का बड़ा दावा, देखिए खास इंटरव्यू
सारण शिक्षक निर्वाचन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मैदान में कई उम्मीदवार हैं, लेकिन शिक्षकों के सामने सवाल सिर्फ प्रतिनिधि चुनने का नहीं, बल्कि अपने संघर्ष की आवाज चुनने का भी है।
शिक्षक को जागरूक मतदाता कहा जाता है। लेकिन जब शिक्षक खुद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा हो, तो उसे ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत होती है, जो उसकी आवाज बन सके। क्योंकि जब शिक्षक की आवाज कमजोर पड़ती है, तो उसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ता है।
चाहे बकाया वेतन का सवाल हो, पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग हो या वित्त रहित शिक्षकों को समय पर वेतन और सम्मानजनक व्यवस्था दिलाने की बात—इन मुद्दों को विधान परिषद में मजबूती से उठाने वाले प्रतिनिधि की भूमिका अहम हो जाती है।
इसी चुनावी मुकाबले में एनडीए से अलग राह चुनकर निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. राहुल राज शिक्षकों के संघर्ष का साथी बनने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से शिक्षकों की जायज मांगों को सड़क से सदन तक उठाते रहे हैं और आगे भी उनकी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
डॉ. राहुल राज ने मौजूदा प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान एमएलसी ने शिक्षकों को निराश किया है। उनके इन दावों और आरोपों को चुनावी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

दूसरी ओर, एनडीए समर्थित उम्मीदवार आनंद पुष्कर भी चुनावी मैदान में हैं। उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़ी रही है, जबकि अब वे जदयू के उम्मीदवार के रूप में एनडीए के समर्थन से चुनाव लड़ रहे हैं।
ई बिहार डिजिटल न्यूज़ के संपादक संजीव मिश्रा से खास बातचीत में डॉ. राहुल राज ने शिक्षकों के अधिकारों, उनकी समस्याओं और अपने संघर्ष की भूमिका पर खुलकर बात की।
शिक्षकों के बीच चर्चा है कि डॉ. राहुल राज की सीधी टक्कर जन सुराज समर्थित आफाक अहमद से है। ऐसे में यह चुनाव केवल उम्मीदवारों की लोकप्रियता का नहीं, बल्कि शिक्षकों के भरोसे और उनके मुद्दों को उठाने की क्षमता का भी इम्तिहान है।
ई बिहार डिजिटल न्यूज़ हमेशा कहता आया है—आपका अधिकार आपका है। अपने बीच से किसे प्रतिनिधि चुनना है, यह भी आपका अधिकार है। लेकिन प्रतिनिधि ऐसा हो, जो सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि संघर्ष के समय भी आपके साथ खड़ा रहे।
अब सवाल है—शिक्षक अपना प्रतिनिधि किसे चुनेंगे? वादों पर भरोसा करेंगे या संघर्ष के अनुभव पर?
देखिए, डॉ. राहुल राज का पूरा इंटरव्यू और खुद तय कीजिए कि सारण के शिक्षकों की आवाज विधान परिषद में कौन मजबूती से उठा सकता है।

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