माही नदी तटबंध क्षतिग्रस्त: तीन पंचायतों पर बाढ़ का दबाव, युद्धस्तर पर मरम्मत और राहत कार्य जारी
सारण/दिघवारा, 5 सितंबर 2026।
सारण जिले के दिघवारा प्रखंड में माही नदी के दायाँ तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पानी के अत्यधिक दबाव के कारण लगभग 7.5 किलोमीटर लंबे तटबंध के एक हिस्से में लीकेज की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद करीब 12 मीटर भाग क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव स्वयं मौके पर कैंप कर रहे हैं और राहत, बचाव एवं मरम्मत कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता भी स्थल पर मौजूद रहकर तटबंध को सुरक्षित करने के कार्य में जुटे हैं।
तीन पंचायतों पर सबसे अधिक बाढ़ का दबाव
जिलाधिकारी ने बताया कि तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ का प्रभाव मुख्य रूप से तीन पंचायतों पर पड़ा है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

युद्धस्तर पर चल रहा मरम्मत कार्य
क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। पर्याप्त मशीनरी, निर्माण सामग्री और मानवबल की व्यवस्था कर मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
राहत एवं बचाव कार्य भी तेज
तटबंध की मरम्मत के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्य भी लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जरूरतों का आकलन कर रही हैं। संभावित संकट को देखते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
कम्युनिटी किचन की तैयारी
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा कम्युनिटी किचन भी शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन और आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
माही नदी के बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन और जल संसाधन विभाग की संयुक्त कार्रवाई जारी है। फिलहाल पूरा ध्यान तटबंध को सुरक्षित करने, प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और संभावित खतरे को टालने पर केंद्रित है।

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