छपरा में पंकज यादव हत्याकांड का खुलासा, मुख्य शूटर समेत चार गिरफ्तार
छपरा। सारण पुलिस ने बहुचर्चित पंकज यादव हत्याकांड का सफल उद्भेदन करते हुए मुख्य शूटर समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विनीत कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि मृतक पंकज यादव चर्चित अधिवक्ता डबल मर्डर केस का महत्वपूर्ण गवाह था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसी गवाही को लेकर उसकी हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर मामले का पर्दाफाश किया है।

जानकारी के अनुसार, 28 जून 2026 की रात पंकज यादव अपने भाई मनीष यादव के साथ एक शादी समारोह से मोटरसाइकिल पर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव के समीप पहले से घात लगाए अपराधियों ने दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में पंकज यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई मनीष यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद 29 जून 2026 को मुफस्सिल थाना कांड संख्या-464/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी विनीत कुमार के निर्देश पर सदर-01 एसडीपीओ रामपुकार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में नंदन उर्फ करीमन (मुख्य शूटर), निखिल कुमार (रेकी करने वाला), कुंदन कुमार (वाहन चालक) तथा अंकित कुमार शामिल हैं। सभी आरोपी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि इस हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा सके।
एसएसपी विनीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पंकज यादव की हत्या उनकी गवाही को लेकर की गई। फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और मामले में शामिल अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने इस सफलता का श्रेय मुफस्सिल थाना पुलिस, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) सारण तथा एसआईटी टीम को दिया है। मामले में अग्रेतर विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।

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