छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्राओं का आक्रोश, 76 नए नामांकन के बाद हॉस्टल व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
संजीव मिश्रा डेस्क | eBihar DigitalNews
सारण जिले के छपरा स्थित लोकनायक जयप्रकाश प्रौद्योगिकी संस्थान (इंजीनियरिंग कॉलेज) में छात्राओं ने हॉस्टल व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नए शैक्षणिक सत्र में 76 अतिरिक्त छात्राओं के नामांकन के बाद छात्रावास में रहने की समस्या सामने आने पर छात्राओं ने अपनी नाराजगी जताई।
छात्राओं का कहना है कि कॉलेज प्रशासन की ओर से कुछ कमरों में दो-दो छात्राओं को रखने का प्रस्ताव दिया गया है। उनका तर्क है कि इससे पढ़ाई, निजता और रहने की सुविधा प्रभावित होगी। इसी मुद्दे को लेकर छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया।
मामले पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विमल कुमार ने बताया कि संस्थान में दो गर्ल्स हॉस्टल संचालित हैं। इनमें नया हॉस्टल अपनी पूरी क्षमता तक भर चुका है, जबकि पुराने हॉस्टल की स्थिति जर्जर है। पुराने हॉस्टल की क्षमता 120 छात्राओं की है, लेकिन भवन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए वहां पूरी क्षमता के अनुसार छात्राओं को रखना संभव नहीं है।

प्राचार्य के अनुसार, छात्राओं की संख्या बढ़ने के कारण आवास की समस्या उत्पन्न हुई है। कॉलेज प्रशासन ने उपलब्ध संसाधनों के भीतर समाधान निकालने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण विभाग को हॉस्टल के जीर्णोद्धार और आवश्यक निर्माण कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। करीब 70 लाख रुपये का प्राक्कलन भी स्वीकृत किया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार, कॉलेज में हाल ही में दो नई फैकल्टी जुड़ने के बाद 76 अतिरिक्त छात्राओं का नामांकन हुआ है। इसके बाद छात्रावास की क्षमता पर दबाव बढ़ गया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा, गोपनीयता और आवासीय सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास जारी हैं।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बढ़ते नामांकन और सीमित बुनियादी ढांचे के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को सामने ला दिया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उच्च शिक्षा संस्थानों में सीटों और नामांकन की संख्या बढ़ाई जाती है तो हॉस्टल, सुरक्षा, पेयजल, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी उसी अनुपात में होना चाहिए।
फिलहाल छात्राओं का प्रदर्शन शांत हो गया है, लेकिन हॉस्टल क्षमता और आवासीय सुविधाओं का मुद्दा अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्राएं बेहतर व्यवस्था की मांग कर रही हैं, जबकि कॉलेज प्रशासन स्थायी समाधान के लिए सरकार और भवन निर्माण विभाग से सहयोग की उम्मीद लगाए हुए है।


![]()









Leave a Reply