बनियापुर को मिला खेल का नया मंच, राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने किया खेल सम्मान भवन का लोकार्पण
बनियापुर (सारण), 06 नवंबर 2026: बिहार के सारण जिले के बनियापुर में खेल सुविधाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को नवनिर्मित खेल सम्मान भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस भवन के निर्माण से स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
इस खेल सम्मान भवन का निर्माण स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के तहत कराया गया है।
आजादी के बाद पहली बार बनियापुर पहुंचे राज्यपाल
लोकार्पण समारोह को ऐतिहासिक बताते हुए बनियापुर विधायक केदारनाथ प्रसाद सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बिहार के राज्यपाल का बनियापुर की धरती पर आगमन हुआ है। उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया।

वहीं महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने राज्यपाल के आगमन पर आभार व्यक्त किया और सारण में खेल सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।
2036 ओलंपिक में बिहार के खिलाड़ियों की होगी भूमिका: श्रेयसी सिंह
बिहार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना वर्ष 2036 में भारत में ओलंपिक खेलों का आयोजन करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में बिहार के खिलाड़ियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
उन्होंने कहा कि खेल सम्मान भवन स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगा। यहां राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी संभावनाएं हैं।
खेल से अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का होता है विकास: राज्यपाल
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि खेल सम्मान भवन बनियापुर और पूरे सारण जिले की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सारण के जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
अब खिलाड़ियों को इंतजार है कि इस नए भवन में प्रशिक्षण और सुविधाओं का लाभ कितनी प्रभावी तरीके से मिलता है। क्योंकि किसी भी खेल परिसर की असली पहचान उसके भवन से नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियों से होती है।
रिपोर्ट: eBihar Digital News | छपरा, सारण (बिहार)

![]()



Leave a Reply