छपरा। भगवान बाजार क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले की गुणवत्ता को लेकर उठे विवाद के बाद सारण जिला प्रशासन और नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार माध्यमों पर नाला निर्माण में कथित अनियमितता से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सारण के जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त रंजीत कुमार को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद नगर आयुक्त ने कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नाला निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता संबंधी कमियां प्रथम दृष्टया पाई गईं। इसके बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर दोषपूर्ण तरीके से निर्मित नाले के हिस्से को तत्काल हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। साथ ही संबंधित संवेदक (कॉन्ट्रैक्टर) के विरुद्ध संविदा की शर्तों एवं प्रचलित नियमों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
नगर निगम प्रशासन ने निर्देश दिया है कि संबंधित स्थल पर नाले का पुनर्निर्माण स्वीकृत डिजाइन, निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाए। निर्माण कार्य की प्रत्येक स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अभियंताओं को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस निर्माण कार्य को लेकर पहले संतोषजनक स्थिति बताई जा रही थी, उसी निर्माण में बाद में कमियां मिलने से निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
हालांकि, जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक कार्रवाई होने से लोगों में यह संदेश गया है कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नगर आयुक्त ने भी स्पष्ट कहा है कि छपरा नगर निगम गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, सोशल मीडिया पर यह बहस भी तेज हो गई है कि यदि वीडियो वायरल नहीं होता तो क्या निर्माण कार्य में मौजूद खामियां सामने आ पातीं। फिलहाल दोषपूर्ण निर्माण को हटाकर पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।






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