नमस्कार…
बिहार की खबरों में अक्सर हम बेरोजगारी, पलायन और व्यवस्था की बातें करते हैं। लेकिन आज एक ऐसी खबर है जो उम्मीद देती है।
सारण जिले की बहू, बिहार ग्रामीण बैंक में असिस्टेंट मैनेजर मोनी कुमारी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह कर लिया है। समुद्र तल से 5,643 मीटर की ऊंचाई… जहां सांसें भी संघर्ष करती हैं, वहां बिहार की बेटी और सारण की बहू ने अपना तिरंगा और अपना हौसला दोनों लहराया है।
10 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में उन्हें बर्फबारी, तेज हवाओं, कम ऑक्सीजन और बदलते मौसम जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मौसम खराब था, इसलिए 15 अगस्त के बजाय 14 अगस्त की सुबह ही शिखर पर पहुंचने का फैसला लिया गया।

यह कोई पहली उपलब्धि नहीं है। दिसंबर 2025 में मोनी कुमारी अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो भी फतह कर चुकी हैं।
सोचिए… एक तरफ बैंक की जिम्मेदारियां, दूसरी तरफ दुनिया की ऊंची चोटियों को छूने का सपना। और यही सपना आज हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
मोनी कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति, माता-पिता और सास-ससुर के सहयोग को दिया है। साथ ही उन्होंने सरकार से पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों को बढ़ावा देने की अपील भी की है।
सवाल यह नहीं है कि माउंट एल्ब्रुस कितना ऊंचा है…
सवाल यह है कि बिहार की बेटियों के हौसले कितने ऊंचे हैं।
और शायद इसका जवाब मोनी कुमारी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर लिख दिया है।
हौसले बुलंद हों, तो कोई भी शिखर दूर नहीं।

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