15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस बीत जाने के बाद भी राष्ट्रीय मिष्ठान को लेकर चर्चा जारी है। भारतीय लोक चेतना पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सह मीडिया प्रवक्ता राजेश कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि कई जिलों के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में परंपरा के अनुरूप राष्ट्रीय मिष्ठान का वितरण नहीं किया गया। उनके अनुसार कहीं सेव-बुनिया, कहीं रसगुल्ला तो कहीं अन्य मिठाइयां बांटी गईं, जबकि राष्ट्रीय पर्व पर निर्धारित मिष्ठान वितरित किया जाना चाहिए था।
राजेश कुशवाहा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा बनाए रखने के लिए तय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस पर केवल जलेबी ही वितरित करना कोई कानूनी या अनिवार्य प्रावधान नहीं है। देश के कई हिस्सों में जलेबी बांटने की पुरानी परंपरा जरूर रही है, लेकिन भारत सरकार द्वारा जलेबी को आधिकारिक रूप से “राष्ट्रीय मिष्ठान” घोषित किए जाने संबंधी कोई स्पष्ट आदेश या अधिसूचना उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में यह बहस शुरू हो गई है कि क्या राष्ट्रीय पर्वों पर जलेबी बांटना केवल एक परंपरा है या इसके पीछे कोई आधिकारिक निर्देश भी है। फिलहाल इस संबंध में किसी सरकारी अनिवार्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है।
— eBiharDigitalNews.com
![]()



Leave a Reply