छपरा: व्यवहार न्यायालय सारण में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायालय परिसर में कुल 15 बेंच बनाई गईं, जबकि सोनपुर अनुमंडल न्यायालय में एक बेंच स्थापित की गई।

सारण के जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत गर्ग ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को आपसी सहमति से अपने सुलहनीय वादों का समाधान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में लोक अदालत एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आ रही है।

हमारे संपादक संज़ीव मिश्रा से बातचीत में जिला जज पुनीत गर्ग ने कहा कि लोक अदालत में आपसी सहमति से विवाद सुलझाने पर उस फैसले के खिलाफ किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती। यानी यहां हुआ समझौता अंतिम और बाध्यकारी होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोक अदालत न केवल मामलों का त्वरित निपटारा करती है, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को भी मजबूत करती है।

आज आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर आम लोगों में भी काफी उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के समाधान के लिए न्यायालय पहुंचे।


