छपरा का ये दृश्य देखिए…
सुबह का वक्त… मंदिर का प्रांगण… और आस्था की लंबी कतारें…
ये है छपरा का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर…

जहां आज हनुमान जयंती के मौके पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।
हर हाथ में प्रसाद… हर चेहरे पर भक्ति…
कोई चुपचाप खड़ा है… तो कोई “जय बजरंगबली” के जयकारे लगा रहा है…
भीड़ इतनी कि कतारें मंदिर से बाहर तक चली गई हैं…
लेकिन व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत… पुलिस तैनात है…
और पूजा पूरी शांति और अनुशासन के साथ चल रही है।
क्योंकि ये सिर्फ एक त्योहार नहीं…
ये आस्था है… विश्वास है…
और भगवान हनुमान के प्रति अटूट भक्ति का दिन है।
लेकिन… इसी भीड़ के बीच एक सवाल भी उठ रहा है…
जब राम नवमी जैसे पर्व पर पूरा देश “राममय” हो जाता है…
तो फिर हनुमान जयंती पर वैसी ही छुट्टी क्यों नहीं?साधारण से साधारण पर्व पर भी अवकाश घोषित कर दिया जाता है…
और जब राज्य में बिहार सरकार और केंद्र में भी बीजेपी की सरकार है…
तो इस बड़े पर्व पर भी एक बार गंभीरता से विचार होना चाहिए।
स्थानीय निवासी वीरेंद्र कुमार कहते हैं—
“अगर आज अवकाश होता…
तो पूरा देश एक बार फिर ‘बजरंगमय’ हो जाता…”
उनका मानना है कि
जब इतनी बड़ी संख्या में लोग इस दिन को मानते हैं…
तो सरकार को भी इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अब सवाल सीधा है…
आस्था में कोई कमी नहीं…
भीड़ इसका सबूत है…
तो क्या छुट्टी देने में कहीं कमी रह गई?
छपरा से ये सिर्फ एक तस्वीर नहीं…
ये आस्था भी है… और एक बड़ा सवाल भी…
🚩 जय बजरंगबली!
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