“बिहार में जमीन…
सिर्फ जमीन नहीं होती…
यह ताकत होती है… प्रभाव होता है…
और कई बार… सिस्टम की खामोशी भी होती है…”

अब इसी जमीन को लेकर सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाने की कोशिश की है—
राजस्व एवं भूमि जनसंवाद कार्यक्रम के मंच से।
जहां बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री
Vijay Kumar Sinha
ने साफ कहा—
हर ब्लॉक में भू-माफियाओं पर शिकंजा कसा जाए।
उनकी पहचान हो… और कार्रवाई हो।
यानी संदेश सीधा है—
अब जमीन के खेल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
इसी मंच से
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव
C. K. Anil
ने एक और कदम आगे बढ़ते हुए कहा—
* सीओ… आरओ… और कर्मचारी खुद FIR दर्ज करें भू-माफियाओं पर।
यानी अब इंतजार नहीं…
अब जिम्मेदारी सीधे सिस्टम के अंदर बैठे लोगों पर है।
और यह बयान ऐसे वक्त में आया है…
जब मुजफ्फरपुर… बेगूसराय के बाद…
अब सारण का सोनपुर भी सवालों में है।
क्या सच में सोनपुर बनता जा रहा है नया ‘हब’?
*क्या यहां भी वही जमीन का खेल शुरू हो चुका है…
जो दूसरे जिलों में देखा गया?
सरकार के पास अब योजना है…
आदेश है…
और सख्त शब्द भी हैं…
लेकिन सबसे बड़ा सवाल—
क्या सिस्टम खुद अपने खिलाफ खड़ा हो पाएगा?
क्या सीओ और कर्मचारी…
सच में माफियाओं पर FIR करेंगे?
या फिर वही पुराना डर… दबाव… और समझौता
इस बार भी हावी रहेगा?
क्योंकि बिहार में…
जमीन का मामला सिर्फ कागज का नहीं होता…
यह नेटवर्क का मामला होता है…
जहां अक्सर…
सिस्टम और माफिया के बीच की दूरी
बहुत कम रह जाती है।
तो देखना होगा—
यह जनसंवाद…
सिर्फ संवाद बनकर रह जाता है…
या सच में…
जमीन पर बदलाव लाता है।”
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