छपरा, बिहार। सारण मुख्यालय स्थित राजेंद्र सरोवर परिसर में स्वर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य मुद्दा यूजीसी एक्ट के विरोध और आरक्षण व्यवस्था को लेकर स्वर्ण समाज की नाराजगी रहा।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने यूजीसी एक्ट को “काला कानून” बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। वक्ताओं का कहना था कि यह कानून समाज के एक बड़े वर्ग के अधिकारों और अवसरों को प्रभावित करता है। इसके साथ ही आरक्षण नीति को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया गया और सरकार से इस विषय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। वक्ताओं ने दावा किया कि आज जहां सैकड़ों लोग इस अभियान से जुड़े हैं, वहीं आने वाले समय में हजारों और लाखों लोग भी इससे जुड़ सकते हैं।

करनी सेना के नेता अजय सिंह ने कहा कि यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि समाज की आवाज को संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने और अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने की अपील की।
बैठक के दौरान 27 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम और आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई। आयोजकों का कहना है कि इस दिन आंदोलन की दिशा और आगे की कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या छपरा स्वर्ण समाज के इस आंदोलन का प्रमुख केंद्र बनेगा? फिलहाल बैठक में जुटी भीड़ और नेताओं के तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है।
(रिपोर्ट: eBiharDigitalNews.com)

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