तिब्बत की पहाड़ियों से निकला पानी…
नेपाल पहुंचा तो सिर्फ नदी का जलस्तर नहीं बढ़ा,
बल्कि कई लोगों की जिंदगी अपने साथ बहा ले गया।
नेपाल के रसुवा इलाके में आई इस भीषण फ्लैश फ्लड ने सड़कें, पुल, घर और बिजली परियोजनाओं तक को अपनी चपेट में ले लिया।
और अब इस तबाही की एक खबर भारत को भी बेचैन कर रही है…
बताया जा रहा है कि करीब 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय भी शामिल हैं। इनमें कई लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए इस क्षेत्र में गए थे।
लेकिन नेपाल की पहाड़ियों में आया यह सैलाब अब बिहार के मैदानों तक पहुंचने की चिंता पैदा कर रहा है।
क्योंकि नेपाल से निकलने वाली नदियां बिहार में सिर्फ पानी लेकर नहीं आतीं…
वे पहाड़ों की पूरी कहानी लेकर आती हैं।
गंडक नदी को लेकर बिहार में प्रशासन की निगाहें अब बेहद सतर्क हैं। राज्य में हाई अलर्ट की स्थिति है और गंडक से जुड़े इलाकों में NDRF और SDRF को तैयार रखा गया है।

पश्चिम चंपारण के बगहा इलाके से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सतर्क किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पानी आएगा या नहीं…
सवाल यह है कि अगर पानी आया, तो हमारी तैयारी कितनी है?
नेपाल की पहाड़ियों में जो कुछ हुआ, वह हमें एक बार फिर याद दिलाता है कि नदी का पानी सीमा नहीं देखता।
वह पहाड़ से मैदान तक आता है…
और अपने रास्ते में इंसानों से सिर्फ एक सवाल पूछता है—
क्या हम तैयार हैं?

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