नेपाल में तिब्बत से आई बाढ़ के बाद बिहार में हाई अलर्ट, गंडक नदी पर बढ़ी चिंता
पटना/नेपाल। नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से अचानक बड़ी मात्रा में पानी भोटे कोशी नदी में पहुंचा, जिसके बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों में सड़क, पुल, वाहन और अन्य बुनियादी ढांचे बाढ़ की चपेट में आ गए।
रिपोर्टों के मुताबिक इस आपदा में कम-से-कम सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग लापता हैं। नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बिहार तक क्यों पहुंची चिंता?

नेपाल में आई इस अचानक बाढ़ ने अब बिहार की चिंता भी बढ़ा दी है। बिहार सरकार ने नेपाल में बने हालात को देखते हुए गंडक और कोसी नदी तंत्र से जुड़े जिलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर गंडक नदी में अचानक फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका को लेकर प्रशासन निगरानी कर रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज समेत गंडक बेसिन से जुड़े इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और NDRF-SDRF को भी तैयार रखा गया है।
क्या बिहार में बड़ा खतरा है?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बिहार में बड़ी बाढ़ आने वाली है। लेकिन खतरा पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। नेपाल के ऊपरी इलाकों से अचानक आने वाला अतिरिक्त पानी नीचे की ओर बढ़ते हुए नदी के जलस्तर को प्रभावित कर सकता है।
भोटे कोशी का पानी आगे त्रिशूली नदी तंत्र में जाता है और यह नदी प्रणाली आगे चलकर नारायणी/गंडक से जुड़ती है। इसलिए बिहार में प्रशासन की नजर सबसे ज्यादा गंडक नदी और उससे जुड़े इलाकों पर बनी हुई है।
अभी सबसे जरूरी बात है—घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की। नदी किनारे रहने वाले लोग प्रशासन की चेतावनी पर नजर रखें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं।
नेपाल की पहाड़ियों से उठी यह बाढ़ अब बिहार के मैदानी इलाकों के लिए भी एक बड़ा सवाल बन चुकी है—क्या इसका असर गंडक के जलस्तर पर पड़ेगा? आने वाले घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।

![]()



Leave a Reply