छपरा में मां दुर्गा के आगमन की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। शहर से लेकर गांव तक, हर ओर पूजा पंडाल आकार ले रहे हैं। कहीं बांस और कपड़ों से भव्य संरचनाएं खड़ी हो रही हैं, तो कहीं कलाकार अंतिम सजावट में जुटे हैं। श्रद्धा, उत्साह और इंतजार… सब कुछ एक साथ दिखाई दे रहा है।
लेकिन इस उत्सव के बीच एक और तैयारी चल रही है, जो शायद सबसे ज्यादा जरूरी है—सुरक्षा की तैयारी।
सारण पुलिस और अग्निशमन विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि पूजा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से जिलेभर में पूजा पंडालों की फायर सेफ्टी जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों की टीम पंडालों का निरीक्षण कर रही है। जहां जरूरत है, वहां बिजली के पुराने और जर्जर तारों को बदला जा रहा है। आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी लेना अनिवार्य होगा। साथ ही पंडालों में अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित निकास मार्ग और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि दुर्गा पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा के हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि त्योहार का उल्लास किसी भी अप्रिय घटना से प्रभावित न हो।
दरअसल, पूजा सिर्फ आस्था का पर्व नहीं, बल्कि लाखों लोगों की भागीदारी का उत्सव भी है। इसलिए सुरक्षा के ये इंतजाम उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी पूजा की तैयारियां।
छपरा में इस बार मां दुर्गा की आराधना के साथ सुरक्षा का संकल्प भी दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि सारण पुलिस और अग्निशमन विभाग की यह पहल लोगों के बीच सराहना का विषय बनी हुई है।

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