दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन, बिहार से पहुंचे AISA के युवा; कई कार्यकर्ता हिरासत में
नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2026 | eBihar DigitalNews
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों से युवा और छात्र संगठन के कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे। हालांकि, दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारियों को कई जगहों पर रोका गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले और प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दीपके और सौरव दास शामिल हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
बिहार से भी दिल्ली पहुंचे छात्र और युवा
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार से भी AISA के कई युवा दिल्ली पहुंचे। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे बिहार के छात्र कार्यकर्ताओं को लेकर भी हिरासत में लिए जाने की सूचना सामने आई है।

सारण जिले से जुड़े धनंजय को भी डिटेन किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, धनंजय की हिरासत और उनकी वर्तमान स्थिति के संबंध में स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
जंतर-मंतर के आसपास कड़ी सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस की कार्रवाई के कारण प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
आखिर क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों के बीच हो रहा है। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को नियमित सत्यापन प्रक्रिया बताया गया है, जबकि विरोध करने वाले संगठन इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
बड़ा सवाल: लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने पहुंचे युवाओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों की मांग और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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