छपरा में VHP के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे की प्रेस वार्ता, संगठन के विस्तार और कई मुद्दों पर रखा पक्ष
छपरा, सारण। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने छपरा में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन के 64 वर्षों के सफर, वर्तमान गतिविधियों और आने वाले वर्षों की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। इस दौरान उन्होंने संगठन के विस्तार के साथ-साथ धर्मांतरण, लव जिहाद, कथित घुसपैठ, मंदिर प्रबंधन और नवरात्र जैसे मुद्दों पर भी VHP का पक्ष सामने रखा।
मिलिंद परांडे ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी और अब संगठन की गतिविधियां भारत के अलावा दुनिया के करीब 30 देशों तक पहुंच चुकी हैं। उनके अनुसार, वर्तमान में करीब 72 लाख लोग VHP के हितचिंतक के रूप में जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन का लक्ष्य एक करोड़ से अधिक हितचिंतक तैयार करना है। इसके साथ ही देश के करीब दो लाख गांवों तक संगठन की पहुंच मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में काम का दावा
VHP के केंद्रीय महामंत्री ने कहा कि संगठन केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी काम कर रहा है।
उन्होंने संगठन के वरिष्ठ नेता रहे अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी वर्ष को भी व्यापक स्तर पर मनाए जाने की बात कही।
युवाओं की भूमिका पर भी जोर
प्रेस वार्ता में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए मिलिंद परांडे ने बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी को संगठन के प्रमुख युवा आयामों के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि दोनों संगठन विभिन्न सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
धर्मांतरण, लव जिहाद और कथित घुसपैठ पर VHP का पक्ष
प्रेस वार्ता के दौरान मिलिंद परांडे ने धर्मांतरण, लव जिहाद और सीमावर्ती क्षेत्रों में कथित घुसपैठ जैसे मुद्दों पर भी संगठन का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि इन विषयों को लेकर VHP जागरूकता अभियान चलाएगी।
हालांकि, इन मुद्दों से जुड़े दावों और आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्ष और सरकारी जांच के निष्कर्ष अलग हो सकते हैं। प्रेस वार्ता में व्यक्त बातें वक्ता और संगठन के दावे/विचार हैं।
मंदिरों के प्रबंधन को लेकर कही बड़ी बात
मंदिरों के प्रबंधन के सवाल पर भी VHP नेता ने संगठन का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों की देखरेख और प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं हिंदू समाज को निभानी चाहिए।
छपरा में हुई यह प्रेस वार्ता संगठन की आगामी रणनीति और विस्तार की योजनाओं के साथ-साथ उन सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को भी सामने लेकर आई, जिन्हें विश्व हिंदू परिषद आने वाले समय में अपने अभियानों का हिस्सा बनाने की बात कर रही है।
नोट: इस खबर में प्रेस वार्ता के दौरान वक्ता द्वारा व्यक्त विचारों को उनके कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इन विचारों से eBihar DigitalNews की स्वतंत्र सहमति आवश्यक नहीं है।

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