छपरा की मंडल कारा में बीते दिन एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो जेल की पारंपरिक तस्वीर से थोड़ा अलग था। यहां पहुंचे पटना हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति संदीप कुमार।
निरीक्षण की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद उन्होंने कारा परिसर में वृक्षारोपण किया। कंप्यूटर लैब सह दिनकर पुस्तकालय में कैदियों ने स्वागत गीत और देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर उनका स्वागत किया।
इस दौरान 21 कैदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र और 14 कैदियों को चश्मे वितरित किए गए। एक कैदी द्वारा बनाई गई न्यायमूर्ति संदीप कुमार की तस्वीर भी उन्हें भेंट की गई, जिसे उन्होंने सराहा। कारा प्रशासन ने स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया।

न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने महिला वार्ड, कारा अस्पताल, जनरल वार्ड और पाकशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सिर्फ व्यवस्थाएं नहीं देखीं, बल्कि यह भी जाना कि सुधार गृह की अवधारणा जमीन पर कितनी प्रभावी है।
इसके बाद सारण न्याय मंडल में आयोजित जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। कोर्ट निर्माण कार्यों की प्रगति, सिविल कोर्ट के पास मल्टीलेवल पार्किंग, पर्यवेक्षण गृह की स्थिति, नियमित जमानत मामलों में मेडिकल रिपोर्ट की देरी और पुलिस मामलों के लंबित रहने जैसे विषय बैठक के केंद्र में रहे।
माननीय न्यायमूर्ति ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
क्योंकि न्याय केवल अदालत के आदेशों से नहीं, बल्कि व्यवस्था की गति और जवाबदेही से भी तय होता है।
मैं हूं संजीव मिश्रा, eBihar DigitalNews, छपरा।

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