छपरा में शनिवार को भाकपा (माले) के बैनर तले राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन बिहार में कथित फर्जी एनकाउंटर, मॉब लिंचिंग और बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कानून के शासन की जगह दमनकारी नीतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और पुलिस कार्रवाई को न्यायिक प्रक्रिया का विकल्प बनाया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विभिन्न मांगों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को न्यायालय में अपना पक्ष रखने का अधिकार है। किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के दायरे में कार्रवाई की जानी चाहिए।

कार्यक्रम में भाकपा (माले) के स्थायी जिला कमेटी सदस्य सभा राय और जीवनंदन राय, एकमा प्रखंड सचिव रामपुकार साह, अमनौर प्रखंड सचिव विजयेन्द्र मिश्र, पानापुर प्रखंड सचिव अनुज दास तथा सोनपुर प्रखंड संयोजक सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छात्र संगठन आइसा की ओर से राज्य सचिव दीपांकर मिश्र, जिला अध्यक्ष कुणाल, जिला सचिव विकास तथा आइसा नेत्री राजलक्ष्मी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में हाल के दिनों में हुई कई पुलिस मुठभेड़ों और प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।+

नेताओं ने कहा कि गरीबों, मजदूरों, किसानों, दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के बजाय दमनात्मक कार्रवाई बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से कथित फर्जी एनकाउंटर, मॉब लिंचिंग और पुलिसिया ज्यादती की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
भाकपा (माले) नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और कानून के राज की रक्षा के लिए जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिसिया उत्पीड़न रोकने, न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने और आम लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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