छपरा… 27 अप्रैल…
एक तरफ विकास की ऊँची-ऊँची बातें…
और दूसरी तरफ ज़मीन पर जमा गंदा पानी…
कहानी है छपरा के मौना चौक की…
जहां बन रहा है डबल डेकर…
लेकिन काम में अटक गया है नाला।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव खुद मौके पर पहुंचे…
और जो देखा… वो थोड़ा हैरान करने वाला था।
पिलर खड़े हैं…
नाला रास्ता ढूंढ रहा है…
और सड़क पर पानी जमा है।
डीएम ने साफ कहा —
“पिलर को बचाइए… नाला घुमाइए… लेकिन काम रुकना नहीं चाहिए।”
यानि अब जुगाड़ नहीं… समाधान चाहिए।
मौना चौक पर गंदा पानी देखकर डीएम नाराज़ हुए…
तुरंत आदेश — पंप लगाइए, पानी हटाइए।
उधर गांधी चौक से गरखा ढाला तक…
रैंप के रास्ते में अतिक्रमण भी मिला।
निर्देश मिला — मापी कराइए… और तुरंत हटाइए।
सड़क किनारे कचरा…
और निर्माण से उड़ती धूल…
इन दोनों पर भी प्रशासन सख्त दिखा।
नगर निगम को सफाई का आदेश…
और निर्माण एजेंसी को रोज पानी का छिड़काव करने का निर्देश।
अब काम ऐसे नहीं चलेगा कि “चल रहा है”…
हर हिस्से के लिए टाइमलाइन तय होगी…
और उसी समय में काम पूरा करना होगा।
जरूरत पड़ी… तो उस हिस्से में ट्रैफिक भी पूरी तरह बंद रहेगा।
और सबसे बड़ी बात —
अब रोज निगरानी होगी…
दो दंडाधिकारी लगाए जाएंगे… जो हर दिन रिपोर्ट देंगे।
यानि अब काम की रफ्तार भी दिखेगी… और जवाबदेही भी।
अब सवाल ये है…
क्या छपरा में डबल डेकर के साथ-साथ…
जमीनी समस्याओं का भी समाधान होगा?
या फिर…
ऊपर फ्लाईओवर और नीचे वही पुरानी कहानी?
छपरा इंतजार में है… ”

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