बिहार में लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती! थाना, ब्लॉक, अंचल और शिक्षा विभाग तक को चेतावनी, काम नहीं तो निलंबन
छपरा: बिहार में सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सरकार अब सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संकेत दिया है कि यदि जनता के काम में लापरवाही बरती गई और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंचा, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी। यहां तक कि जरूरत पड़ने पर निलंबन भी किया जाएगा।

छपरा के डुमरी बुजुर्ग सहयोग शिविर के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि चाहे अंचल कार्यालय, शिक्षा विभाग, ब्लॉक कार्यालय या फिर थाना का मामला हो— यदि जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और लोगों की सुनवाई नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार चाहती है कि जनता को सरकारी दफ्तरों का चक्कर न लगाना पड़े और योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर काम में लापरवाही सामने आई, तो 30 दिनों के भीतर कार्रवाई और निलंबन तक की नौबत आ सकती है।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से बिहार में सरकारी दफ्तरों में कामकाज की धीमी रफ्तार और आम लोगों की शिकायतों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सरकार के इस सख्त रुख को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार के इस निर्देश का असर जमीनी स्तर पर दिखेगा? क्या थाना, ब्लॉक और अंचल स्तर पर जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा? या फिर यह बयान भी सिर्फ मंच तक सीमित रह जाएगा। आने वाले दिनों में इसकी तस्वीर साफ हो सकती है।

![]()










Leave a Reply