मांझी के रामघाट से एक दुखद खबर आई है। गौरी मठिया गांव के सुशील गिरी के 8 वर्षीय पुत्र शेरू गिरी की सरयू नदी में डूबने से मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि 25 जून को नए घर में होने वाले पूजा-पाठ के लिए गांव की महिलाएं नदी से जल लेने आई थीं। उनके साथ कई बच्चे भी थे। इसी दौरान शेरू गिरी नदी के पानी में चला गया और डूब गया।
घटना के बाद घाट पर मौजूद परिजनों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस परिवार में नए घर की पूजा की तैयारी चल रही थी, वहां अब मातम का माहौल है।

लेकिन यह खबर सिर्फ शेरू गिरी की नहीं है। यह उन तमाम परिवारों के लिए भी एक संदेश है जो बच्चों को लेकर नदी, तालाब और जलाशयों के किनारे जाते हैं।
बच्चे नदी की गहराई नहीं समझते। उन्हें यह अंदाजा नहीं होता कि पानी कहां उथला है और कहां अचानक गहरा हो जाएगा। इसलिए जिम्मेदारी पूरी तरह बड़ों की होती है।
अक्सर हम धार्मिक कार्यों, स्नान या दूसरे कामों में व्यस्त हो जाते हैं और बच्चे हमारी नजरों से ओझल हो जाते हैं। हादसे कई बार उसी छोटे से अंतराल में होते हैं।

सरयू हो या कोई दूसरी नदी, पानी को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी कई बार एक बड़ी त्रासदी को टाल सकती है।
मांझी के रामघाट की यह घटना दुखद है। उम्मीद है कि इससे लोग सबक लेंगे और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे।
“शेरू अब वापस नहीं आएगा, लेकिन अगर इस घटना से एक भी परिवार सतर्क हो जाए, तो शायद किसी दूसरे घर का चिराग बुझने से बच जाए

![]()






Leave a Reply