eBiharDigitalNews

डिजिटल युग का डिजिटल समाचार

7वीं मंजिल, मौत का साया और खाकी का करिश्मा: जब पुलिसवाला हवा में लटककर बचा लाया एक जिंदगी

कभी-कभी फिल्मों में दिखने वाले दृश्य असल जिंदगी में भी सामने आ जाते हैं, फर्क बस इतना होता है कि वहां कैमरा नहीं चलता, बल्कि किसी की सांसें चल रही होती हैं।
गुजरात के सूरत में ऐसा ही एक नज़ारा देखने को मिला, जहां एक शख्स जिंदगी से हार मान चुका था, लेकिन खाकी वर्दी में आए एक जवान ने हार मानने से इनकार कर दिया।
मामला सूरत के लसकाना इलाके का है। एक महिला का घबराया हुआ फोन पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंचता है। आवाज कांप रही थी। उसने बताया कि उसके पति ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है, खुद को फ्लैट में बंद कर लिया है और दरवाजा नहीं खोल रहा।
सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन सातवीं मंजिल पर बने फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। हर गुजरते सेकंड के साथ खतरा बढ़ रहा था। दरवाजा तोड़ने में देर हो सकती थी और शायद उतनी देर उस व्यक्ति के पास बची भी नहीं थी

तभी कांस्टेबल शैलेश चुडासमा ने ऐसा फैसला लिया, जिसे सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
वे पड़ोसी फ्लैट की बालकनी में पहुंचे। वहां से देखा कि दोनों फ्लैटों की बाहरी ग्रिलों के बीच थोड़ी सी जगह है। नीचे सैकड़ों फीट गहराई और ऊपर सिर्फ हौसला। बिना किसी सेफ्टी बेल्ट और रस्सी के शैलेश ग्रिल पकड़कर हवा में झूलते हुए दूसरे फ्लैट की खिड़की तक पहुंच गए।
एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी, लेकिन उस वक्त उनका लक्ष्य सिर्फ एक था—एक इंसान की जान बचाना।
खिड़की से अंदर घुसते ही उन्होंने देखा कि व्यक्ति की हालत बिगड़ चुकी थी। उसे उल्टियां हो रही थीं और कमरे में जहरीला पदार्थ भी मौजूद था। शैलेश ने तुरंत स्थिति संभाली और साथी पुलिसकर्मियों की मदद से उसे नीचे लाया।
एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय पुलिस टीम खुद ही मरीज को अस्पताल लेकर दौड़ पड़ी। रास्ते में एम्बुलेंस मिलने पर उसे शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अगर कुछ मिनट और देरी हो जाती, तो शायद नतीजा कुछ और होता। इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि उस दिन खाकी सिर्फ कानून की नहीं, जिंदगी

की रखवाली कर रही थी।
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने भी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि सूरत पुलिस ने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है।
डिस्क्लेमर: जीवन अनमोल है। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, निराशा या आत्मघाती विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत परिवार, दोस्तों या विशेषज्ञों से मदद लें। सरकार द्वारा उपलब्ध हेल्पलाइन 9152987821 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *