कभी-कभी जिंदगी में ऐसे विवाद खड़े हो जाते हैं, जो वर्षों तक अदालतों की फाइलों में बंद रह जाते हैं। एक तारीख खत्म होती है, दूसरी मिल जाती है। समय बीतता जाता है, लेकिन समाधान दूर ही दिखाई देता है।
लेकिन 12 सितंबर को एक ऐसा दिन आने वाला है, जो कई लोगों की वर्षों पुरानी परेशानी का अंत बन सकता है।
सारण जिला समेत पूरे देश में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सारण के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनंत सिंह ने लोगों से अपील की है कि जो मामले समझौते के आधार पर सुलझाए जा सकते हैं, उन्हें लोक अदालत के माध्यम से निपटाएं।
प्रधान जिला जज कहते हैं कि लोक अदालत केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि रिश्तों को बचाने और समाज में सौहार्द कायम रखने का एक माध्यम भी है। यहां न कोई हारता है, न कोई जीतता है। यहां दोनों पक्ष बातचीत और समझौते के जरिए एक ऐसे समाधान तक पहुंचते हैं, जिसे दोनों स्वीकार करते हैं।
बैंक ऋण, बिजली बिल, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, वैवाहिक मामले, चेक बाउंस से जुड़े मामले और अन्य कई सुलहनीय वाद लोक अदालत में निपटाए जा सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां मामलों का समाधान जल्दी और सरल तरीके से होता है।
श्री अनंत सिंह ने जिले के लोगों से आग्रह किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने लंबित विवादों को आपसी सहमति से समाप्त करें।
12 सितंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत कई परिवारों, कई रिश्तों और कई विवादों के लिए एक नई शुरुआत का अवसर बन सकती है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनंत सिंह ने किन-किन मामलों के निपटारे की बात कही है और लोगों से क्या अपील की है, उनकी पूरी बातचीत जरूर सुनिए।
कैमरामैन के साथ… संजीव मिश्रा,
eBihar DigitalNews, छपरा।







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