[छपरा| ई बिहार डिजिटल न्यूज Network]
छपरा (सारण): केंद्र सरकार और उच्च शिक्षा आयोग के UGC Regulations 2026 को लेकर बिहार के छपरा जिले में असंतोष की सुलगती चिंगारी अब सड़कों पर उतर आई है। सोमवार को छपरा कचहरी स्टेशन से लेकर थाना चौक तक सर्वर्ण समाज के युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने न केवल UGC एक्ट को पूरी तरह वापस लेने की मांग की, बल्कि जातिगत आरक्षण और SC/ST एक्ट की समीक्षा को लेकर भी अपनी आवाज बुलंद की।
10 से शुरू हुई भीड़ 200 के पार, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
आंदोलन की शुरुआत छपरा कचहरी स्टेशन से हुई, जहां महज 10-15 की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी थाना चौक पहुंचते-पहुंचते 200 से अधिक की भीड़ में तब्दील हो गए। हाथों में तख्तियां और सरकार विरोधी नारों के साथ सवर्ण समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जुलूस निकाला।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस चौकस नजर आई। कचहरी स्टेशन से लेकर प्रमुख चौराहों तक पुलिस बल की तैनाती रही ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
सारण जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, 17 सितंबर को उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल सारण के जिलाधिकारी (DM) से मिला और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेता अजय सिंह ने कहा:
”अदालत का स्टे (Stay) हमारे लिए अंतिम समाधान नहीं है। सरकार जब तक इस एकतरफा UGC 2026 कानून को पूरी तरह निरस्त (Rollback) नहीं करती, हमारी लड़ाई जारी रहेगी। आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए पुतला दहन किया जाएगा।”
सर्वर्ण समाज की मुख्य मांगें:
UGC Regulations 2026 की पूर्ण वापसी: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सरकार इस नीति को पूरी तरह रद्द करे।
SC/ST एक्ट में सुधार: इसके तहत होने वाले एकतरफा मामलों की निष्पक्ष जांच व्यवस्था बने।
जातिगत आरक्षण की समीक्षा: आर्थिक आधार पर नीतियां बनाने की मांग।
छपरा से उठा यह विरोध आने वाले दिनों में बिहार के अन्य जिलों तक फैलने के आसार जताए जा रहे हैं।

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