छपरा से दिल्ली कूच करेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता, वोट की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
छपरा | 25 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र में वोट सिर्फ एक बटन दबाने का नाम नहीं है। यह जनता की आवाज है, सरकार चुनने का अधिकार है और संविधान से मिला सबसे बड़ा लोकतांत्रिक हथियार है। अब इसी वोट की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने छपरा से दिल्ली तक आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।
25 अक्टूबर को सारण जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आयोजित विस्तृत बैठक में वोट बचाओ, संविधान बचाओ और देश बचाओ के संकल्प के साथ आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।

बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और सारण जिला पर्यवेक्षक डॉ. सुधांशु त्रिपाठी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वोट की चोरी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। चुनाव आयोग को उठ रहे सवालों का पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए, ताकि जनता और राजनीतिक दलों का भरोसा कायम रहे।
डॉ. त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष के सवालों का निष्पक्ष और तथ्यात्मक समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस दिल्ली समेत देशभर में अपना संघर्ष तेज करेगी।
वहीं, जिला प्रभारी प्रेमचंद सिंह ने कहा कि मतदाता के अधिकारों, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा के लिए है।
1 नवंबर को दिल्ली जाएंगे कांग्रेस कार्यकर्ता

छपरा जिलाध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी ने घोषणा की कि 1 नवंबर को छपरा से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली में आयोजित वोट बचाओ-देश बचाओ जनआंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।
बैठक में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारा दिया— “पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से।”
बैठक में प्रो. राजेंद्र प्रसाद सिंह, अरुण कुमार सिंह, कमलेश पाठक, हरेश कुमार यादव, यासिन आजाद, राहुल कुमार यादव, कन्हैया मिश्रा, सुनील सिंह, मालिक प्रसाद यादव, कुमार विशाल सिंह, धर्मेंद्र कुमार धरम, शैलेंद्र परासर, सुनीता मिश्रा, पूर्णिमा यादव, कामेश्वर बैठा, सैफुल्ला कुरैशी सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब सबसे बड़ा सवाल
लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों का जवाब देना किसकी जिम्मेदारी है? क्या चुनाव आयोग विपक्ष की आशंकाओं को दूर कर जनता का भरोसा मजबूत कर पाएगा? और क्या छपरा से दिल्ली तक उठने वाली कांग्रेस की आवाज राष्ट्रीय राजनीति में कोई नया मोड़ लाएगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।
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